August 10, 2026

मुख्यमंत्री धामी ने जनसुनवाई को बनाया और प्रभावी, कहा—हर नागरिक को समय पर न्याय और राहत मिलना सरकार की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री धामी ने जनसुनवाई को बनाया और प्रभावी, कहा—हर नागरिक को समय पर न्याय और राहत मिलना सरकार की जिम्मेदारी

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जन समस्या का संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनहित एवं सुशासन के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब आम नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा शिकायतकर्ता को समाधान की प्रगति से भी अवगत कराया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार का दायित्व है। प्रत्येक अधिकारी जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए जनता की समस्याओं के समाधान में पूर्ण संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व का परिचय दें। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित आयुक्त गढ़वाल श्री आनंद स्वरूप एवं आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप को प्राप्त जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान जिला अथवा विभागीय स्तर पर संभव है, उनका तत्काल निस्तारण किया जाए तथा जिन प्रकरणों में उच्च स्तर पर निर्णय अपेक्षित है, उन्हें शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए, जिससे प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर न्याय एवं राहत मिल सके।

You may have missed