आदि कर्मयोगी अभियान से देहरादून के आदिवासी गांवों में विकास का नया मॉडल तैयार होगा – हर व्यक्ति तक योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुँच

देहरादून 30 अगस्त 2025
जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ के अंतर्गत शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अभिमुखी कार्यक्रम (वी.एल.ओ.) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर, जनपद और विकास खण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर के साथ ही जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बैठक में आदि कर्मयोगी अभियान के अन्तर्गत जनपद के प्रतीक चिन्ह का वर्चुअल रूप से अनावरण किया और सभी अधिकारियों को इस अभियान के अन्तर्गत पूर्ण सत्यनिष्ठा से मिशन को पूरा करने की शपथ दिलाई। उन्होंने निर्देशित किया कि चयनित जनजाति बाहुल्य गांवों को शत प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित किया जाए।
ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह ने सभी अधिकारियों को ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ के विषय में अवगत कराते हुए बताया कि जनपद देहरादून में इस योजना के अंतर्गत 04 विकास खण्डों के कुल 41 गांवों का चयनित किया गया है, जिसके अन्तर्गत उक्त 41 गाँवों में निवासरत समस्त जनजाति श्रेणी के व्यक्तियों को सरकार द्वारा संचालित समस्त लोक कल्याणकारी योजना से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाना है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि जनजाति बाहुल्य जिन ग्रामों को शत प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित किया जाना है, उनमें विकासखंड चकराता के 24, कालसी के 12, विकासनगर के 04 और सहसपुर का 01 गांव शामिल है।

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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वस्थ सीमा अभियान के माध्यम से पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के 108 सीमावर्ती गांवों में एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी।